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मृत्युदंड की वैधता, तथ्य व प्रभाव
मृत्यु दंड आम तौर पर, सजा की मात्रा और उसका निर्धारण अपराध की गंभीरता और समाज के लिए संभावित खतरे पर निर्भर करता है। अपराधी की आपराधिक प्रवृत्ति के अनुसार उसे कम या ज्यादा सजा दी जाती है। दोषी व्यक्ति सजा की धमकी के रूप में अपराध से उत्पन्न खुशी या लाभ का मूल्य चुकाने…
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भारत संघ की राजभाषा हिंदी होते हुए भी अंग्रेजी का उपयोग क्यों?
भारत के संविधान को “इंडिया” के नाम से वर्णित किया गया है। संविधान की प्रस्तावना में भी लिखा है कि “हम भारत के लोग”। इस भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में कुल 22 भाषाएँ शामिल हैं, जो हैं (1) असमिया (2) बंगाली (3) बोडो (4) डोगरी (5) गुजराती (6) हिंदी (7) कन्नड़ (8) ) कश्मीरी…
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क्या पुलिस हथकड़ी लगा सकती है?
अभी हाल फिलहाल की ही बात है, जमशेदपुर के भाजपा नेता अभय सिंह की गिरफ्तारी के बाद वहाँ के एक अधिवक्ता चंदन चौबे , ज्ञापन देने SSP के ऑफिस पहुँचे। वहां पुलिस ने सभी लोगो को हिरासत में ले लिया। इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने अधिवक्ता चंदन चौबे समेत आठ लोगों को जेल भेज…
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क्या राजदरोह और देशद्रोह एक ही हैं? वर्तमान समय में एक राजद्रोह और देशद्रोह की संवैधानिकता
Welcome This article is written by PRIYA CHATTERJEE Lawyer At Ludhiana Civil Court And this is posted by ANUJ MISHRA कई बार ऐसा देखा जाता है कि किसी व्यक्ति के लिए “देशद्रोही” शब्द का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में हमें देखने को मिलता है कि आईपीसी में कहीं भी देशद्रोह या देशद्रोही शब्द का वर्णन नहीं किया…